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बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश
दिल्ली। देशभर में विजयादशमी का पर्व धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस बार दशहरा उत्सव में 221 फीट ऊंचे विशाल रावण के पुतले विशेष आकर्षण का केंद्र बने हैं। दिल्ली के द्वारका और हरियाणा के पंचकूला में इतने विशाल पुतलों की तैयारी की गई है। इन आयोजनों के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की जीत और भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं का संदेश दिया जा रहा है।
221 फीट का विशाल रावण और विजयादशमी का भव्य उत्सव! भारतीय संस्कृति की भव्यता और बुराई पर अच्छाई की जीत का शानदार संदेश। https://t.co/6VLhVkVW6b
— vipin talwar (@vipintalwar) October 20, 2026
221 फीट ऊंचे रावण को तैयार करने में महीनों की मेहनत
हरियाणा के पंचकूला स्थित सेक्टर-5 के शालीमार ग्राउंड में 221 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया है। इस विशाल पुतले के निर्माण पर लगभग 35 लाख रुपये खर्च होने की जानकारी सामने आई है। पुतले को तैयार करने में कारीगरों ने महीनों मेहनत की। आयोजकों के अनुसार, रावण दहन के दौरान पर्यावरण के अनुकूल आतिशबाजी की भी व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा संबंधी इंतजाम किए गए हैं।
बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश
विजयादशमी हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध कर अधर्म पर धर्म की विजय स्थापित की थी। दशहरे के अवसर पर देशभर में रामलीला का मंचन और रावण, मेघनाद तथा कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाता है।
इस वर्ष विशाल रावण के पुतलों ने दशहरा उत्सव की भव्यता को और बढ़ा दिया है। ऐसे आयोजन लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्शों, सत्य, न्याय और मर्यादा का स्मरण कराते हैं। विजयादशमी का पर्व संदेश देता है कि अहंकार और अन्याय कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः सत्य और अच्छाई की ही विजय होती है।
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